
कोरोना काल मे सबसे ज्यादा असर बच्चो पर पड़ा है, बच्चो का भविष्य 10 साल पीछा चला गया, एजुकेशन सेक्टर तहस नहस हो गया, लकिन चलो आखिरकर सरकार ने रिस्क पर स्कूल खोले, जहा
बच्चो के साथ साथ शिक्षक भी खुश है , लकिन साथ ही अभिभावकों की पेन्नी नजर स्कूल की व्यस्था पर बनी हुई है, आज से मिडिल स्कूल भी खुल गए है, लकिन अभी प्राइमरी स्कूल खोलने को लेकर किसी तरह का निर्णय नहीं लिया गया है।इसको लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों को कोविड-19 नियमों का पालन करना होगा। वहीं अगर किसी विद्यार्थी का तापमान अधिक मिलता है तो उसे स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही अभी तक सिर्फ 49 फीसदी स्कूलों द्वारा ही स्टाफ के वैक्सीनेशन का डेटा अपलोड किया गया है




