
रेवाडी, पूर्व मंत्री कैप्टेन अजय सिंह यादव ने कहा कि किसान भाईयों को बाजरे का न्यूतम समर्थन मूल्य नही मिल रहा और भावांतर मात्र 600 रूपये मिल रहा है तो वहीं डीएपी खाद न मिलने की वजह से किसान भाई परेशान हो रहे हैं। जबकि केंद्रीय मंत्री सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने रविवार को मानेसर में मंच से कहा था कि सोमवार से किसानों को बाजरे का न्यूतम समर्थन मूल्य मिलेगा जबकि आज भी हालात जस के तस हैं। यादव ने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह किसानों को बरगलाने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार को पता था कि अब किसानों को खाद की जरूरत पडेगी तो फिर पहले से इंतजाम क्यों नही किया। यह सरकार की बहूत बडी लापरवाही है। एक तो बाजरे का न्यूतम समर्थन मूल्य सरकार द्वारा नही दिया जा रहा और दूसरी तरफ अगली फसल के लिए खाद नही मिल रहा तो सरकार कर क्या रही है। यह हाल तो जब है जब किसान भाई अपने हकों के लिए पिछले एक साल से रोड पर बैठा हुआ है, इसके बावजूद भी सरकार द्वारा किसानों की तरफ ध्यान नही दिया जा रहा है जो कि बेहद ही निंदनीय है।
कैप्टेन अजय सिंह ने कहा कि पिछले एक महीने में शहर में आधा दर्जन से ज्यादा लूट की वारदात हो चुकी हैं। कल भी दिनदहाडे ब्रास मार्केट में 7 लाख रूपये की लूट कर ली। जिससे आम नागरिक से लेकर व्यापारियों में भय का माहौल है। सरकार और प्रशासन की लापरवाही की वजह से बदमाशों के हौंसले बुलंद हो गए हैं और दिन दहाडे ही एक के बाद एक वारदातों को अंजाम देने में लगे हुए हैं। श्री यादव ने कहा कि पुलिस प्रशासन को अपनी कुंभकर्णी नींद से जागकर सुरक्षा के चाक चौबंध इंतजाम करने होंगे।
कैप्टेन अजय सिंह ने कहा कि दक्षिणी हरियाणा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार पिछडता जा रहा है। इसी बीच वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर द्वारा रेवाडी लडकों के कालेज के लिए आवंटित 5.32 एकड़ जमीन आवंटन आदेश हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा वापस लेकर इस जमीन के टुकडों को निजी शिक्षण संस्थानों को नीलाम करने से फिर साबित हो गया है कि खट्टर सरकार दक्षिणी हरियाणा के साथ विकास कार्यो में सौतेला व्यवहार कर रही है। यादव ने कहा कि यहां बनने वाले लडकों के कॉलेज से तो पूरे जिले के युवाओं को फायदा होना था तो फिर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, केबिनेट मंत्री बनवारी लाल जी और विधायक लक्षमण यादव इस मामले पर चुपी कैसे साधे हुए हैं। इस मसले पर तो सभी को एकजुट होना चाहिए और सरकार पर दबाव डालकर लडकों के कॉलेज को यहां पर बनवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेवाडी जिले के 9 सरकारी कालेजों में केवल दो में ही स्थाई प्रिंसीपल है। सरकारी कालेज में पढ़ाने को न प्राध्यापक है और न ही शिक्षा का आधारभूत ढांचा जो बताता है कि खट्टर सरकार अहीरवाल में शिक्षा विस्तार व शिक्षा ढांचे की मजबूती के लिए कितनी गंभीर है।
कैप्टेन अजय सिंह ने कहा कि शिक्षा व रोजगार नही होने की वजह से रेवाडी में नशे का कारोबार फल फूल रहा है। युवा नशे की गिरफ्त में आते जा रहे हैं। यादव ने कहा कि कुछ पुलिस वालोंं की मिली भगत से नशे का कारोबार चल रहा है। क्योंकि कई बार जब पुलिस के अधिकारी छापा मारने जाते हैं तो नशे के कारोबारियों को पहले ही पता चल जाता है और वो भागने में सफल हो जाते हैं। नशे के कारोबार को बंद करने के लिए सरकार को कडे कदम उठाने पडेगें।




