
शुक्रवार देर रात को हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण खराब हुई फसलों का जायजा रेवाडी विधायक चिरंजीव राव ने विभिन्न गांवों में जाकर किया और ग्रामिणों से मिलकर जाना की कहां-कहां पर कितना नुक्सान हुआ है। राव ने कहा कि ईलाके में जाकर पता चला है कि फसलों में 40 प्रतिशत नुक्सान हुआ है जबकि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग नुक्सान को कम बता रहा है। इसलिए मेरी सरकार से मांग है कि खराब हुई फसलों की विशेष गिरदावरी करवा कर किसानों को तुरंत मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न गांवो में भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई है जिस कारण से किसानों की तैयार खड़ी गेहूं और सरसों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। पहले बेमौसमी बारिश और अब ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं इसलिए अब प्रदेश के किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
विधायक चिंरजीव राव ने किसानों की खराब हुई फसलों का 50 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग करते हुए कहा कि भाजपा गठबंधन सरकार पूरी तरह से किसान विरोधी है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण प्रदेश की जनता के सामने है कि पिछले साल मानसून के दौरान हुई भारी बरसात के कारण खराब हुई फसलों का मुआवजा आज तक किसानों को नहीं दिया गया है। खराब फसलों की तुरंत विशेष गिरदावरी करवा कर पिछले साल के लंबित मुआवजे समेत प्रदेश के किसानों को तुरंत मुआवजा दे ताकि किसानों पर आए आर्थिक संकट को दूर किया जा सके। विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि इस बार विधानसभा सत्र में भी किसानों के मुआवजे की मांग को जोर शोर से उठाया जाएगा।
वहीं बहुत से किसानों ने विधायक चिरंजीव राव को बताया कि प्रशासन की ओर से कहा गया है कि किसान मुआवजे के लिए 72 घंटे के अंदर ऑनलाइन फार्म भरें। लेकिन ऑनलाईन फार्म भरने के लिए बडी परेशानी का सामना करना पड रहा है क्योंकि ऑनलाईन प्रक्रिया में एंड्रॉयड फोन होना जरूरी है। विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि सभी किसानों के पास एंड्रॉयड फोन नही है और जिनके पास हैं भी तो ऑनलाईन प्रासेस में 10 से ज्यादा स्टेप्स हैं। ऑनलाईन प्रोसेस जटिल होने के चलते सभी किसान आवेदन नही कर पाएगें। इसलिए सरकार को किसानों से आवेदन ऑफलाईन भी लेने चाहिए या फिर सरकार की तरफ से कोई ऑपरेटर दिया जाए ताकि किसान वहां जाकर अपना आवेदन करवा सकें।
वहीं बहुत से किसानों ने विधायक चिरंजीव राव को बताया कि प्रशासन की ओर से कहा गया है कि किसान मुआवजे के लिए 72 घंटे के अंदर ऑनलाइन फार्म भरें। लेकिन ऑनलाईन फार्म भरने के लिए बडी परेशानी का सामना करना पड रहा है क्योंकि ऑनलाईन प्रक्रिया में एंड्रॉयड फोन होना जरूरी है। विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि सभी किसानों के पास एंड्रॉयड फोन नही है और जिनके पास हैं भी तो ऑनलाईन प्रासेस में 10 से ज्यादा स्टेप्स हैं। ऑनलाईन प्रोसेस जटिल होने के चलते सभी किसान आवेदन नही कर पाएगें। इसलिए सरकार को किसानों से आवेदन ऑफलाईन भी लेने चाहिए या फिर सरकार की तरफ से कोई ऑपरेटर दिया जाए ताकि किसान वहां जाकर अपना आवेदन करवा सकें।




