ज्ञान प्राप्ति के लिए श्रद्धा, निष्ठा व आत्मविश्वास जरूरी : आर्यिका श्रुतदेवी
जेपीएस में विद्यार्थियों से किया बड़ों का सम्मान व अहिंसा अपनाने का आह्वान

महायोगी आचार्य रत्न 108 बाहुबली महाराज की शिष्या आर्यिका 105 श्रुतदेवी माताजी ने कहा कि जिस व्यक्ति के पास श्रद्धा, निष्ठा व आत्मविश्वास का गुण है, वह सहजता से ज्ञान प्राप्त कर सकता है। सरकुलर रोड़ स्थित जैन पब्लिक स्कूल में नए सत्र की शुरूआत के समय विद्यार्थियों को मंगल प्रवचन दिया। उन्होंने माँ सरस्वती एवं णमोकार मंत्र का महत्व समझाते हुए विद्यार्थियों से गुरूजनों का आदर करने का आह्वान किया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए मीडिया प्रभारी गोपाल शर्मा ने बताया कि विद्यालय में नवीं से बारहवीं कक्षा के लिए नए सत्र की शुरूआत के मौके पर आर्यिका श्रुतदेवी माता जी ने ससंघ विद्यालय का भ्रमण किया। उन्होंने पहले अंकुर विभाग का अवलोकन किया। इसके जेपीएस में चल रही कंप्यूटर लैब, अंग्रेजी लैब, रोबोटिक लैब तथा ऑडिटोरियम का अवलोकन किया। विद्या शरणालय सभागार में पहुँचने पर जैन समाज एवं स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान पद्म कुमार जैन, सचिव अमित जैन, प्रबंधक हेमराज जैन, शासकीय निकाय सदस्य सीमा जैन, जैन समाज के सचिव राहुल जैन, सहसचिव सतीश जैन, अकलंक शरणालय के प्रधान अरविंद जैन, मुनि संघ के प्रधान सतीश जैन, सदस्य वरूण जैन, विद्यालय प्रधानाचार्या सोनल छाबड़ा, मुख्याध्यापिका विजय गुप्ता प्रोडिजी स्कूल प्रभारी मीनू पारिक, अंकुर प्रभारी रेणिका जैन ने माता जी को श्रीफल भेंट किया। प्रबंधन समिति के सदस्यों ने भगवान महावीर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया। अकलंक शरणालय के छात्र अतिशय जैन ने गुरू वंदना की तो आर्यिका समीक्षा दीदी ने र्- दे दे मेरे अधरों को ज्ञान स्वर — — -र्- भजन से कार्यक्रम की शुरूआत की।
आर्यिका सुज्ञानी माता जी ने माता सरस्वती के 16 नामों की जानकारी देते हुए बच्चों को कुसंगति से दूर रहने तथा सत्संगति से ज्ञानार्जन करने के लिए प्रेरित किया। आर्यिका श्रुतदेवी माताजी ने णमोकार मंत्र को महान मंत्र बताते हुए कहा कि इस मंत्र से 84 लाख मंंत्रों की उत्पत्ति हुई है। उन्होंने माँ सरस्वती के ज्ञान रूपी अवयवों की जानकारी देते हुए बच्चों से श्रद्धा, निष्ठा व आत्मविश्वास से ज्ञान प्राप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने दिगंबर साधु की दिनचर्या का चित्रण करते हुए विद्यार्थियों से जीव हिंसा न करने तथा किसी का दिल न दुखाने की सीख दी। कार्यक्रम संचालक राजेश जैन ने प्रवचन के पश्चात प्रश्नमाला सत्र में विद्यार्थियों से प्रश्न पूछे। प्रश्न मंच कार्यक्रम में सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्या ने सभी का आभार व्यक्त किया।





