
गांव नाहड़ स्थित एक ईंट भट्ठा पर गैरकानूनी तरीके से रहने वाले दो बांग्लादेशी नागरिकों को दोषी ठहराते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल की अदालत ने एक साल कैद व दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषियों को 15 दिन अधिक जेल में रहना होगा।
05 अगस्त 2021 को गश्त के दौरान नाहड़ चौकी पुलिस को सूचना मिली कि JS ईंट भट्ठा नाहड़ पर एक बांग्लादेशी परिवार काम करता है। सूचना पर पुलिस ने JS ईंट भट्ठा नाहड पर पहुंचकर वहां उपस्थित कुछ मजदूरों को बुलाया तथा उनसे गहनता से पूछताछ शुरू की गई। इन मजदूरों में से एक व्यक्ति ने अपना नाम मोहम्मद रोबानी हसन पिता का नाम मुजिबर गांव नावदाबास थाना फूलबडी जिला कुन्डीग्राम बांगलादेश बतलाया है व दूसरे ने अपना नाम रसीदुल पुत्र अन्नाबाली गांव गंगाराहट जिला कुन्डीग्राम बांगलादेश बतलाया। उपरोक्त व्यक्तियों से भारत की नागरिकता या नागरिक होने का अपना पहचान पत्र मांगा तो ये अपनी कोई पहचान पत्र पेश नहीं किया और ना ही भारत में आने के लिए अपना पासपोर्ट व वीजा पेश किया । जो कुल 2 व्यक्तियों रोबानीहसन व रसीदुल उपरोक्त ने बिना पासपोर्ट वीजा बिना किसी प्रमाण पत्र के भारत में नाजायज तौर पर रहने के आरोप में धारा 13,14 FOREIGNERS ACT 31, 1946 के तहत मामला दर्ज गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस द्वारा ठोस सबूत पेश करने पर अदालत ने दोनों को गैरकानूनी रूप से देश में रहने का दोषी माना है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल की अदालत ने दोनों को एक साल की कैद व दस हजार रुपये जुर्माना की सजा दी है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषियों को 15 दिन अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।





