
रेवाड़ी, रेवाड़ी जिला प्रशासन की ओर से नवरात्र पर्व के पावन अवसर पर जिला में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन का पूरा फोकस है कि किसी भी रूप से बिना गुणवत्ता की खाद्य सामग्री लोगों तक न पहुंचे इसके लिए डीसी यशेंद्र सिंह ने विभिन्न जांच टीम का गठन करते हुए खाद्य सामग्री के सैंपल लेने के आदेश दिए हैं। डीसी के निर्देशों अनुरूप मंगलवार से संबंधित एसडीएम की देखरेख में खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी की टीम ने खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए और जांच हेतू लैब में भिजवाया।
डीसी यशेन्द्र सिंह ने बताया कि नवरात्र पर्व पर प्रदेश के विभिन्न स्थानों से कुट्टू का आटा खाने से श्रद्धालुओं के बीमार होने की खबरें मिल रही हैं, ऐसे में स्वास्थ्य सुरक्षात्मक उपाय जिला प्रशासन की ओर से बरते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा का ध्यान रखते हुए प्रशासन की पैनी नजर खाद्य पदार्थों की बिक्री पर है। साथ ही बिना गुणवत्ता के कुट्टू आटा व अन्य खाद्य पदार्थों को बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई प्रशासन की ओर से अमल में लाई जाएगी। उन्होंने जिला वासियों से आह्वान किया किवे नवरात्र पर्व के इस पावन अवसर के दौरान कुट्टू का नकली व खराब आटा बेचने वालों से सावधान रहें। जिला प्रशासन द्वारा जिले में अनेक दुकानों से कुट्टू के आटे के सैंपल भी लिए हैं और कुट्टू आटे कि जांच की जा रही है यदि सैम्पल फेल पाए गए तो संबंधित दुकानदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। डीसी द्वारा गठित जांच टीम खाद्य स्वास्थ्य सुरक्षा अधिकारी दीपक चौधरी ने संबंधित कर्मचारियों के साथ दुकानों पर पहुंचकर आटे के सैंपल लिए। साथ ही दुकानदारों को नवरात्र के अवसर पर पुराना हो चुका कुट्टू का आटा नहीं बेचने के निर्देश भी दिए। उन्होंने व्रत रखने वालों को भी उपवास के दौरान खानपान में एहतियात बरतने की सलाह दी है। सिविल सर्जन डा.कृष्ण कुमार ने बताया कि जिले में अभी तक कुट्टू का आटा खाने से बीमार होने की कोई सूचना नहीं है।





