रेवाड़ी
अग्निपथ योजना बंद कर नियमित भर्ती जल्द से जल्द करें सरकार : विधायक चिरंजीव राव

रेवाडी। केंद्र सरकार द्वारा सेना में भर्ती के लिए चालू की गई अगिनपथ योजना का रेवाडी सहित पूरे देश में विरोध हो रहा है और युवाओं द्वारा जगह-जगह प्रदर्शन और आगजनी की जा रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रेवाडी विधायक चिरंजीव राव ने कहा अगिनपथ योजना भी तीन काले कानूनों की तरह चंद उद्दोग घरानोंं को फायदा देने के लिए बनाई गई है। पूरे देश के युवा इसका विरोध कर रहे हैं जब देश के युवा इस तरह की योजना को चाह ही नही रहे तो फिर केंद्र की भाजपा सरकार आखिर क्यों इस तरह की योजना देश के युवाओं को थोप रही है। सरकार जान भूझकर युवाओं को मजबूर कर रही है कि वो इस तरह से रोडों पर आकर प्रदर्शन कर रहे हैं। भाजपा द्वारा सेना के साथ समझौता किया जा रहा है जोकि गलत है। यह स्कीम केवल तनख्वाह, पेंशन, हैल्थ बेनेफिट्स और कैंटीन सेवाओं आदि में कटौती करने के लक्ष्य से बनाई गई। केंद्र सरकार को इस सैनिक विरोधी अगिनपथ जैसी घातक योजना लागू करने की बजाय सेना की नियमित भर्ती करनी चाहिए।

विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि हमारी देश की सेना में जवानों को भी ठेके पर लेने का निर्णय लिया जा रहा है। उन्होंने भाजपा की अग्निपथ योजना को सेना के तीनों अंगों की गरिमा और अनुशासन के साथ खिलवाड़ करार देते हुए कहा कि सरकार का यह कदम सेना की कार्यक्षमता और निपुणता से समझौता करने वाला है। मात्र 4 साल के लिए ठेके पर भर्ती होने वाले युवाओं का भविष्य क्या होगा। हमारे एक तरफ पाकिस्तान की सीमा और दूसरी तरफ चीन की सीमा है तो नियमित भर्ती पर पाबंदी लगाकर चार साल की ठेके की भर्ती करना क्या देशहित में है।
चिरंजीव राव ने कहा सेना में 2 लाख से ज्यादा पद खाली पडे हैं पूरे कोरोना काल में सेना में कोई भर्ती नही हुई है। सरकार को चाहिए कि युवाओं को सेना में भर्ती के लिए आयु की छूट दी जाए और नियमित रूप से भर्ती की जाए ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके और देश की सुरक्षा मजबूत हो सके। उन्होंने कहा यदि 4 साल के लिए ठेके पर सैनिकों को भर्ती करेगें तो उसके बाद उनका भविष्य क्या होगा और देश की सुरक्षा में भी चूक हो सकती है तो अगिनपथ योजना किसी खतरे से कम नही है सरकार को इस योजना को तुरंत प्रभाव से बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा हमारे दक्षिणी हरियाणा को तो सैनिकों की खान कहा जाता है और हमारे यहां कोई ही ऐसा गांव होगा जिसमें हमारे वीर जवानों ने देश की लिए शहादत न दी हो।
लाखों युवा यहां से फौज की तैयारी कर रहे हैं ऐसे में युवाओं को बहूत जोर का झटका लगा है इसी का परिणाम है कि हमारे युवाओं में आक्रोश है वो रोडों पर आने पर मजबूर हो गए हैं। मेरी सरकार से अपील है कि जल्द से जल्द अपने निर्णय को वापिस लें और नियमित भर्ती कराए।




