
हरियाणा में अब गरीबों को जल्द ही अपने सिर छुपाने का ठिकाना मिलने वाला है। अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांव और शहरों में सात हजार से अधिक गरीब तथा आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों को मकान दिये जाएंगे। ये मकान बनकर भी तैयार हो गए हैं। प्रदेश में इस वर्ष 20 हजार परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराया जाना है। अभी तक साढ़े 13 हजार से अधिक घरों का निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। इसके साथ ही अब उन मकानों को भी स्वीकृति दे दी है जो बिक नहीं पा रहे हैं ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और सामान्य श्रेणी के लोग भी इसे खरीद सकें। फ्लैट ई-नीलामी के जरिए खरीदे जाएंगे। पूर्व में आवास बोर्ड द्वारा अधिकांश जिलों में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए हजारों घर बनाए गए थे।
कुछ लोगों ने इन घरों को खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखाई तो कुछ ने कहा कि ये महंगे हैं और शहरी आबादी से दूर हैं। अब बन रहे नए घर काफी सुविधाजनक और आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। ई-नीलामी के तहत आवंटित फ्लैटों में पीएमएवाई-सीएलएसएस योजना के तहत बैंक द्वारा 2.67 लाख रुपये की सब्सिडी देने का प्रावधान जारी रहेगा। हाउसिंग बोर्ड को नवगठित हाउसिंग फॉर ऑल विभाग की देखरेख में आवास निर्माण का जिम्मा सौंपा गया है। विभिन्न श्रेणियों में 4716 आवासों का निर्माण कार्य चल रहा है। इनमें से 637 मकान आर्थिक रूप से कमजोर लोगों, 3716 मकान बीपीएल तथा 363 मकान अन्य वर्गों को दिए जाएंगे। फरीदाबाद में बीपीएल परिवारों के लिए करीब 1800 मकान बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 1500 से अधिक मकान निर्माणाधीन हैं। वहीं, रक्षा योजना के तहत पात्र परिवारों को पंचकूला में 44, हांसी में 532 और सोनीपत में 336 आवास आवंटित किए गए हैं।
अब मकानों की ई-नीलामी होगी। हाउसिंग बोर्ड की ओर से गुरुग्राम के सेक्टर 106 ग्राम पावला खुसरपुर, सेक्टर में सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक कर्मचारियों, उनकी विधवाओं और उनके अनाथों के लिए जेसीओ और उनके समकक्ष स्तर के 150 बहुमंजिला फ्लैटों का निर्माण किया जा रहा है। गुरुग्राम में ही ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए बनाए जा रहे 1719 फ्लैटों को कब्जे के लिए दी गई आवंटन राशि को 31 जुलाई तक जमा किया जा सकता है।




