बेजुबानों की सहायता के लिये कोई प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त है क्या ?

जिला रेवाड़ी, कालुवास गांव के नजदीक रेल, व राज्य कंस्ट्रेक्शन कम्पनी द्वारा बनाये गए पानी के होद में 2 दिन से 2 कुत्ते गिरे हुए थे और बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे परन्तु ज्यादा पानी होने के कारण निकल नहीं पा रहे थे, जिसको देख कमल कांत, प्रविन्दर ओर विपिन कुमार जो साय भृमण पर जाते हैं उन्होंने इस दृश्य को देख कर कैलाश चंद अधिवक्ता सामजिक कार्यकर्ता को फोन पर अवगत करवाया, जिस पर अधिवक्ता उस स्थान पर पहुँचे और कुत्तों को बचाने के लिये रस्सी लेकर दोनों कुत्तों को आसानी से बाहर निकाल लिया।
समस्या है की इस प्रकार की कंस्ट्रेक्शन कम्पनी का ध्यान पानी के खुले होद बना कर खुले में बिना सुरक्षा के छोड़े हुए है । आज तो सिर्फ 2 कुत्ते गिरे है ,इस प्रकार अगर होद में कोई बच्चा भी गिर जाए तो कुछ भी हो सकता है। जैसे वर्ष 2003 में एक बच्चा प्रिंश खुले होद में गिर गया था इस प्रकार के होद या गड्ढा खोदकर छोड़ने वालो पर प्रसासन को कार्यवाही करनी चाहिये या नही!




