
रेवाडी के सुभाष चंद्र पार्क में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को विधायक चिरंजीव राव ने मौके पर पंहूचकर समर्थन दिया और भरोसा दिया कि उनकी सभी मांगों को विधानसभा सत्र में उठाया जाएगा। चिरंजीव राव ने कहा कि इनकी मांगे बहूत ही जायज है ये जनता के बहूत से कार्य करती हैं और इनका 24 घंटे का कार्य होता है। जिन मांगों को लेकर ये धरने पर बैठी हैं उनको पूरा करने का वायदा मौजूदा भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्य मनोहर लाल खट्टर ने किया है लेकिन उसको निभाया नही जा रहा है। मेरी सरकार से अपील है कि इनकी जायज मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए और यदि सरकार द्वारा इनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो कांग्रेस की सरकार बनने पर इनकी मांगों को पहली कलम से पूरा किया जाएगा।

विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की मांगों को लागू करने की बजाय प्ले वे स्कूल व डायरेक्ट कैश ट्रांसफर के नाम पर आंगनबाड़ी केंद्रों को एनजीओ के हवाले करना चाहती है। मुख्यमंत्री ने 2018 में लंबी हड़ताल के बाद मांगों को मान लिया था और लागू करने का आश्वासन दिया था। लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी एक मांग तक पूरी नहीं हुई। राव ने बताया कि इनकी प्रमुख मांगे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, न्यूनतम वेतन 24 हजार व 16 हजार रुपये दिया जाए, 2018 में की गई घोषणाओं को सरकार जल्द लागू करें, बिना संसाधन दिए वर्कर व हेल्पर से ऑनलाइन कार्य न करवाया जाए, सेवानिवृत्ति के अवसर पर कार्यकर्ता को पांच लाख और सहायिका को तीन लाख रुपये सम्मान के रूप में दिए जाएं। इसके अलावा अन्य भी कुछ मांगे हैं जोकि जायज भी हैं। इसलिए मेरी सरकार से मांग है कि आंगनबाडी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की जायज मांगों को सरकार द्वारा जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए।




