रेवाडी, पूर्व मंत्री कैप्टेन अजय सिंह यादव ने किसानों व कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ बाजरा का न्यूतम समर्थन मूल्य, डीएपी खाद नही मिलने बारे, मंहगाई व रोडों की दुर्दशा को लेकर मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल खट्टर के नाम अतिरिक्त उपायुक्त आशिमा सांगवान को ज्ञापन सौंपा। राजीव चौक से सचिवालय तक जाते हुए सभी ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबारी की। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए कैप्टेन अजय सिंह ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। सरकार ने किसानों के बाजरे का एक-एक दाना खरीदने का वायदा किया था। लेकिन रेवाडी में बाजरे की सरकारी खरीद न होने से बाजरा अब तक ११०० रुपये से लेकर १२५० रुपये प्रति क्विंटल तक ही बिक पाया है। सरकार ने बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य २२५० रुपये घोषित कर रखा है व भावांतर भरपाई योजना के तहत ६०० रुपये प्रति क्विंटल देने जी घोषणा की हुई है। लेकिन भावांतर के बाद भी किसानों को बाजरा १७०० रुपये से लेकर १८५० रुपये प्रति क्विटल ही पडेगा। इससे किसान खासे नाराज हैं। बाजरा दक्षिणी हरियाणा की मुख्य फसल है व किसानों का जीवन व्यापन इस फसल पर काफी निर्भर करता है। ऐसे में सरकार भावांतर भरपाई योजना के तहत कम से कम इतनी राशि जरूर दें कि उससे वह न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर न पडे। यादव ने आरोप लगाते हुए भाजपा को नकारा और पूंजीपतियों की सरकार बताया।
कैप्टेन अजय सिंह ने कहा कि दूसरी तरफ किसानों को अगली फसल के लिए डीएपी खाद अभी तक नहीं मिल पाया है। डीएपी खाद के लिए किसान ठोकरें खा रहे हैं। यहां पर किसानों को सुबह से लंबी-लंबी लाईनों में लगने के बाद भी खाली हाथ घर लोटना पड रहा है, लेकिन खाद नही मिल पाता है।
यादव ने कहा कि मंहगाई ने आम आदमी की कमर तोड रखी है। आए दिन पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम बढने से लोगों का जीना दुर्भर हो रहा है। पेट्रोल १०५ रूपये व डीजल ९५ रूपये लीटर जबकि रसोई गैस के दाम १००० रूपये से ज्यादा हो गए हैं। ऐसे में गरीब आदमी अपना घर कैसे चला पाएगा। पेट्रोल-डीजल के दाम बढने से हर चीज के दाम बढते हैं। उन्होंने कहा कि रेवाडी के एन एच ७१ फ्लाईओवर के नीचे पुलिस लाईन के पास काफी समय से रोड में गड्डे हो रखे हैं और अब तो हालात बहूत ही बुरे हो चुके हैं। यहां पर पहले भी एक व्यक्ति की दुर्घटना में जान चली गई थी। जबकि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने इसे ठीक राने का वायदा किया था व कष्ट निवारण समिति की बैठक में केबिनेट मंत्री ओमप्रकाश यादव ने भी इन गड्डों को ठीक कराने की बात की थी, लेकिन हालात आज भी ज्यों के त्यों हैं। यदि इस रोड को समय रहते ठीक नही कराया गया तो यहां पर लोगों को जान-माल का खतरा है।