
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार नई शिक्षा नीति की आड़ में अव्यावहारिक रेशनलाइजेशन व ट्रांसफर ड्राइव में पोस्ट कैप्ट करके शिक्षा विभाग को बंद करने, गऱीब बच्चों को शिक्षा से वंचित करने और शिक्षित युवाओं को बेरोजगार रखने की साजिश रच रही है। उन्होनें कहा कि तबादले तो सिर्फ एक बहाना है, इनका असली मकसद तो धीरे धीरे स्कूल बंद करना है।
क्योंकि बाड़ ही खेत को खा जाने वाली इनकी नीतियां ही सार्वजनिक शिक्षा को बर्बाद करने वाली हैं। सरकार स्कूलों को मर्ज करने की वजह अध्यापकों की कमी को पूरा करना बता रही है जोकि सरकार झूठ है। सरकार को अध्यापको की कमी पूरी करने के लिए स्कूलों को बन्द नही बल्कि स्थायी भर्ती करनी चाहिए कैप्टन अजय सिंह ने कहा कि हमने अपने शासनकाल में स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी खोले और उसके विपरित मौजूदा सरकार उनको बन्द कर रही है। स्कूलों को बंद करने और पद समाप्त करने का विरोध पूरे प्रदेश में हो रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा 196 स्कूल पहले बन्द किए जा चुके हैं और अब 105 स्कूलों को दुसरे चरण में बंद किया गया है जबकी प्राथमिक स्कूलों की रेशनलाइजेशन प्रक्रिया अभी बाकी है।
यादव ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं को निजी हाथों में सौपने के लिए रेशनलाइजेशन और चिराग योजना के द्वारा सार्वजनिक शिक्षा के शिक्षा तन्त्र को साजिशन बर्बाद किया जा रहा है। उन्होनें कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को शिक्षा का हब बनाया था किंतु वर्तमान बीजेपी जेजेपी गठबंधन सरकार गरीबों व आम आदमी के हितों की न सोचकर, एक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी की तरह काम करते हुए सिर्फ पूंजीपतियों के हितों के लिए काम कर रही है। सबसे जरूरी है स्कूलों का बचना, अध्यापकों के पदों का बचना, सार्वजनिक शिक्षा को बचना। तबादले हों लेकिन व्यवहारिक तरीके से हों न कि पदों को समाप्त करने के उद्देश्य से।




