हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को रेवाड़ी में रोडवेज कर्मचारियों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। साथ ही सरकार द्वारा ठेके पर ली जा रही इलेक्ट्रिक बसें व स्टेज कैरिज प्राइवेट परमिट पॉलसी 2017 का विरोध जताते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
सांझा मोर्चा ने सरकार को स्प्ष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार जनता एवं कर्मचारी विरोधी नीतियों व कर्मचारियों की जायज मांगों को लागू नहीं करेगी तो हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा 10 सितंबर को करनाल में विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन करके आगामी बड़ा आंदोलन करेगा।

…..विरोध-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि प्रदेश सरकार रोडवेज विभाग में स्टेज कैरिज पॉलिसी 2017 के तहत 952 रूटों पर असीमित संख्या में परमिट देने की योजना ला रही है और 550 इलेक्ट्रिक बसें ठेके पर ले रही हैं। जबकि प्राइवेट बस परमिट देने की मांग न तो आम जनता की है और ना ही रोडवेज कर्मचारियों की है। प्रदेश की आम जनता को रोड़वेज की सरकारी बसो में अपने आप को सुरक्षित समझती हैं। इसलिए प्रदेश की जनता द्वारा आए दिन अपने हल्के के विधायक/मंत्री के माध्यम से गांव/शहर में सरकारी बसें चलवाने की मांग की जाती हैं।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जनता की मांग अनुसार मंत्री व विधायक अपने क्षेत्र में सरकारी बसे चलवाकर वाहवाही लूटते का काम करते हैं। प्रदेश की जनता आज प्राइवेट बसों की सेवा की भुगत भोगी हैं। सबको पता है प्राइवेट बस मालिक केवल अपना निजी हित देखते हैं। प्राइवेट बसों से छात्र-छात्राएं आम जनता बहुत परेशान है।
प्राइवेट बस मालिक सरकार के कितने आदेश मानते ये हमने रक्षाबंधन के दिन देखा है। किस तरह हमारी महिलाओं को जोखिम भरी यात्रा करने पर मजबूर होना। सरकार द्वारा 710 बसें जो किलोमीटर स्कीम के तहत ठेके पर ली हुई है उनके परिणाम भी हम सभी के सामने हैं। आए दिन इन बसों पर ठेके पर लगे अनुभवहीन चालक जनता की जानमाल से खिलवाड़ कर रहे हैं।
किलोमीटर स्कीम के तहत ली गई बसों को ठेका रद्द करके इन बसों को रोडवेज विभाग में शामिल किया जाए। सांझा मोर्चा ने सरकार से मांग करता है कि जनता की मांग के अनुसार जनसख्या आधार पर रोडवेज विभाग में सरकारी नई बसे खरीदकर बसों के बेड़े को बढ़ाया जाए। सरकारी नई बसें आने से बेरोजगारी कम होगी।
हजारों बेरोजगार युवकों को रोजगार मिलेगा। आप जनता को सुरक्षित परिवहन सेवा मिलेगी। सरकार के खजाने में टैक्स के रूप में राजस्व में बढ़ोतरी होगी।




