
हरियाणा के वोकेशनल टीचर्स अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन रत हैं। शनिवार को वोकेशनल टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले रेवाड़ी के बावल में वोकेशनल टीचर्स ने सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल की कोठी पर पहुंचकर खून से लिखा मांगपत्र उन्हें सौंपा। इसके साथ ही सरकार पर सहमति बनने के बाद पैर पीछे खींचने का भी आरोप लगाया।

वोकेशनल टीचर्स की 4 प्रमुख मांगें हैं, जिनको लेकर वह आंदोलन कर रहे हैं। इनमें प्रमुख मांग है कि सभी वोकेशनल टीचर्स को 157 वोकेशनल टीचर्स की तर्ज पर सीधा 2278 पदों पर विभाग में मर्ज किया जाए, न कि हरियाणा रोजगार निगम के माध्यम से रखा जाए। उन्होंने कहा कि वे स्कूलों में ग्रुप बी के कर्मचारी हैं। जबकि हरियाणा कौशल रोजगार निगम ग्रुप सी और डी के लिए बनाया गया है। इसके अलावा समान काम-समान वेतन लागू करने की मांग की गई।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल, शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर व सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल के नाम खून से लिखे पत्र में वोकेशनल टीचर्स ने कहा कि 41 दिन से वे अपनी मांगों को लेकर पंचकूला में धरने पर बैठे हैं। 12 दौर की बातचीत के बाद 25 नवंबर को विभाग के साथ लगभग सभी मांगों पर सहमति बन गई थी। मगर सरकार ने अपने पैर पीछे खींच लिए। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब अधिकारी सहमत थे और सरकार ने सहमति नहीं जताई। इससे पूरे हरियाणा के वोकेशनल टीचर्स में रोष है।




