विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के प्रश्नकाल के दौरान विधायक चिरंजीव राव ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा रेवाडी सहित हरियाणा में हजारों प्लाट जिनकी पोजेशन नही मिली है और एचएसवीपी द्वारा रि-अलोटी को अल्टर्नेट प्लाट के हक को खत्म करने का प्रश्न किया। विधायक चिरंजीव राव ने कहा हरियाणा में हजारों प्लाट हैं जिनकी पोजेशन एचएसवीपी विभाग द्वारा नही दी गई है। विभाग ने वो प्लाट लोगों को क्यों अलाट किए जिनकी जमीन उनके पास क्लियर नही थी और यदि प्लाट अलाट भी कर दिए तो रि-अलोटी को ट्रांसफर क्यों किए।
विधायक चिरंजीव राव ने कहा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा ट्रांसफर करते समय रि-अलाटमेंट लैटर बना दिया जाता है। सारे हक जो असल अलाटी के पास होते हैं वही रि-अलोटी को दे दिए जाते हैं और एचएसवीपी के पास अगर जमीन नही थी तो अलोटी व रि-अलोटी से एंहांसमैंट क्यों लिया? ये सभी बातें सरकार को स्पष्ठ करनी चाहिए कि आखिरकार हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा ऐसा क्यों किया जा रहा है। विधायक चिरंजीव राव ने बताया कि जब इस मामले की रिट हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में डाली तो फिर सही ढंग से पैरवी क्यों नही की आखिरकार क्यों आधे-अधूरे दस्तावेजों को पेेश किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने क्लियर लिखा है कि रिट सही ढंग से पेश नह की व आधे-अधूरे दस्तावेजों के साथ पेश की है। ऐसा करके जनता के साथ धौख किया गया है।
चिरंजीव राव ने कहा एच एच वी पी द्वारा 18 फरवरी 2013 में जो पोलिसी बनाई गई थी उसमें ओरीजिनल अलोटी व रि-अलोटी दोनों ही अल्टर्नेट प्लाट के लिए हकदार थे। लेकिन 15 नवंबर 2021 को पोलिसी में एमेंडमेंट किया गया उस एमेंडमेंट में रि-अलोटी को अल्टर्नेट प्लाट के हक को खत्म कर दिया गया है यानि ओरिजिनल अलोटी तो अल्टर्नेट प्लाट के लिए आवेदन कर सकता है लेकिन रि-अलोटी अल्टर्नेट प्लाट के लिए आवेदन नही कर सकता है। जबकि यह पोलिसी 15 नवंबर 2021 के बाद के प्लाटों पर लागू होनी चाहिए न कि उससे पहले के अलोटीड प्लाटों पर लागू होनी चाहिए इसलिए इस 15 नवंबर 2021 के एमैंडमैंट को निरस्त किया जाए या फिर इसे आगे अलोट होने वाले प्लाटों पर लागू किया जाए।