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(हरियाणा रथ) नारनौल जेल के बहुचर्चित रिश्वतकांड में जेल सुप्रीटेंडेंट अनिल कुमार जांगड़ा ने सोमवार को नारनौल कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पिछले महीने ही विजिलेंस ने कोर्ट के जरिए जेलर को भगोड़ा भी घोषित किया गया था। सरेंडर करने के बाद विजिलेंस ने उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया है।

विजिलेंस ब्यूरो की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, 1 लाख रुपए की रिश्वत मामले में फरार चल रहे रेवाड़ी जेल सुप्रीटेंडेंट अनिल कुमार के पास नारनौल जेल का भी चार्ज था। इसी दौरान उनका नाम रिश्वत से जुड़ा और लंबी छुट्टी के बाद फरार हो गए। 18 अप्रैल 2022 को भ्रष्टाचार के मामले में कोर्ट से उद्धोषित अपराधी घोषित कराया गया था। इसके साथ ही विजिलेंस की टीमें लगातार आरोपी जेलर की तलाश कर रही थी। पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश और सेशन कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद आखिरकार अनिल कुमार जांगड़ा ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
इस मामले में नामजद दूसरे जेल अधिकारी डिप्टी जेलर कुलदीप हुड्डा सेशन कोर्ट और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने पर डेढ़ माह पहले ही गुरुग्राम के राजेन्द्र पार्क इलाके में सुसाइड कर चुके है। इसके बाद से जेलर अनिल जांगड़ा पर गिरफ्तारी का दबाव और ज्यादा बन गया था।





