
रेवाडी। कोरोना संकट के समय आपात स्थिति में एनएचएम आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत रखे गए कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग ने मौखिक आदेशों के बाद घर भेज दिया है। गत 31 मार्च को खत्म हुए उनके साथ कांट्रेक्ट के बाद समय अवधि को आगे बढ़ाने की बजाए, इन कर्मचारियों को घर जाने के लिए कह दिया गया है। इसी कडी में रेवाडी के इन कर्मचारियों ने रेवाडी विधायक चिरंजीव राव के निवास स्थान पर पंहूचकर विधायक चिरंजीव राव की अनुपस्थिति में उनके स्टाफ को अपना ज्ञापन सौंपा।
विधायक चिरंजीव राव ने कहा कोरोना काल में जब पूरा जिला घरों में था उस समय मौत के मुंह में उन लोगों ने काम किया। एनएचएम आउटसोसिंग पॉलिसी के तहत जिले में 38 कर्मचारियों को रखा गया था। अब इन कर्मचारियों को कौशल विकास निगम में समायोजित करने या फिर एनएचएम में ही समायोजित करने की बजाए विभागीय अधिकारियों ने 31 मार्च को मौखिक आदेश जारी करते हुए घर जाने के लिए कह दिया है। उनकी मांग है कि उनके काम को देखते हुए उन्हें या तो कौशल विकास निगम में समायोजित किया जाए या फिर एनएचएम में ही खाली पड़े पदों पर समायोजित किया जाए।
विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि ऐसा सिर्फ रेवाडी जिले में नही हुआ है बल्कि पूरे हरियाणा सहित अन्य प्रदेशों से भी एनएचएम आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत कर्मचारियों को हटाया जा रहा है जोकि कर्मचारियों के साथ सरासर अन्याय है। इसको लेकर कांग्रेस पार्टी हर प्रकार की लडाई में कर्मचारियों के साथ खडी हुई है। विधानसभा सहित लोकसभा में भी कांग्रेस पार्टी कर्मचारियों के मुद्दे को उठाएगी।




