
रेवाडी/चंडीगढ हरियाणा के विधायकों को उनके हलके के लिए 5 करोड़ की योजना पर छिड़े विवाद के बीच रेवाडी विधायक चिरंजीव राव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार के पास इसकी सही जानकारी नहीं है और सरकार के ही अधिकारियों की लेटलतीफी की वजह से सरकार के पास मेरे कार्यों की सूची नहीं पहुंच पाई है। विधायक चिरंजीव राव ने बताया कि उन्होंने 8 महीने पहले रेवाडी विधानसभा के कार्यों की सूची संबंधित अधिकारियों को रेवाडी में दे दी थी और सरकार चाहे तो रिकॉर्ड में जांच भी करा ले, इतना ही नही सूची देने के बाद भी मैं रेवाडी उपायुक्त के संपर्क में रहा और मंत्रियों से भी संपर्क करता रहा इसके अलावा मेरा कार्यालय स्टाफ निरंतर संबंधित अधिकारियों के संपर्क में भी रहा है। लेकिन अधिकारी गुमराह करते रहे।
विधायक चिरंजीव राव ने कहा कि रेवाड़ी में होने वाले कार्यों की सूची सरकार तक नही पंहूचने की वजह सरकार के अधिकारी हैं जो निरंतर गुमराह करते आ रहे हैं या फिर यह सरकार की भी साजिश हो सकती है। विधायक चिरंजीव राव ने सरकार से मांग करी है कि यदि यह सारी गलतियां अधिकारियों की है तो उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई अधिकारी इस प्रकार की लापरवाही न करें। विधायक चिरंजीव राव ने मुख्यमंत्री कार्यालय में भी बात करी और कहा कि उन्होंने 8 महीने पहले ही अपने कार्यों की सूची संबंधित विभाग को जमा कर दी है तो उनकी क्या गलती है। संबंधित विभाग को अपना एस्टीमेट बनाकर के सरकार के पास भेजना चाहिए था।उन्होंने कहा कि एक विधायक को अपने पूरे कार्यकाल 5 वर्ष में एक बार ही तो 5 करोड रूपये मिलते हैं जिनसे उनकी विधानसभा में कार्य होने हैं तो अब भी सरकार के पास ढाई वर्ष का कार्यकाल बचा है अगर उनकी मंशा साफ है और सबका साथ और सबका विकास करना चाहती है तो अपने अधिकारियों को आदेश करें कि वह जल्द से जल्द एस्टीमेट बनाए और रेवाड़ी में जो कार्य उन्होंने दिए है उनको पूरा करें।
विधायक चिरंजीव राव ने कहा मेरे पास भी सरकार की तरफ कोई मैसेज नही आया कि उन्होंने अभी तक अपने कार्यों की सूची नही दी है तो फिर सीधे अखबारों में सरकार की तरफ ब्यान किस आधार पर दिया है। उन्होंने कहा वे निरंतर अपने ईलाके की आवाज विधानसभा में उठाते रहते हैं उनमें से भी सरकार ने कौन से कार्य पूरे कर दिए हैं। मौजूदा भाजपा सरकार का रवैया समझ से परे हैं इनकी कार्य करने की मंशा तो है नही और आरोप विधायकों पर लगाए जा रहे हैं।




