सोलर उपकरणों की खरीद पर शत-प्रतिशत सब्सिडी देकर चिटफंड नेटवर्क कंपनी बनाकर ठगी करने के मामले मास्टर माइंड मुख्य आरोपी को एसपी श्री राजेश कुमार द्वारा सीआईए इंचार्ज धारूहेड़ा इंस्पेक्टर अजय कुमार की अगुवाई में गठित एसआईटी ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रेवाडी के गांव सुनारिया निवासी सोमदेव खोला के रूप में हुई है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ वर्ष 2019 में मामला दर्ज किया गया था। जिसकी जांच बाद में धारूहेड़ा सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर अजय कुमार की अगुवाई में गठित एसआईटी को सौंपी गई है। एसआईटी द्वारा इस मामले में आरोपी के भाई पृथ्वीराज खोला और उसकी पत्नी सरोज को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस मामले में 40 लाख रुपए बरामद करके अदालत से आरोपियों की डेढ एकड जमीन अटैच करा चुकी है। जांचकर्ता एसआई संजय कुमार प्रबंधक थाना शहर ने बताया कि रोहतक की कैलाश कॉलोनी निवासी राजेंद्र सिंह तोमर सहित अन्य पीड़ितों ने जून 2019 में पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर बताया था कि सोमदेव खोला और उसके भाई पृथ्वी सिंह ने रेवाड़ी शहर में कमला पैलेस, धारूहेड़ा चुंगी पर सोलर-वे कंपनी के नाम तीन दफ्तर खोले हुए हैं। यहां पर आरोपी केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सोलर उपकरणों को बढ़ावा देने के नाम इनकी खरीद पर 100 प्रतिशत सब्सिडी का झांसा देकर एक चिटफंड नेटवर्क का काम करते हैं। आरोपियों द्वारा सोलर उपकरण देकर अन्य लोगों को इसमें जोड़कर उनसे भी निवेश कराते थे और बाद में पूरा पैसा वापस करने का झांसा देते थे। आरोपियों ने रोहतक सहित अन्य आसपास के जिलों के लोगों से कुल 57 लाख रुपए का निवेश कराया था। आरोपी सोमदेव खोला खुद को कंपनी का एमडी बताता था और दफ्तर में भी उसने सेल्स मैनेजर के साथ अन्य लोग लगाए हुए थे। पीड़ितों ने बताया था आरोपी इस खरीद के दौरान 10 प्रतिशत टीडीएस काटते थे और इसका पैसा वापस जमा नहीं करके पूरा पैसा खुद ही हड़प जाते थे।
पुलिस ने राजेन्द्र सिंह तोमर की शिकायत पर मामला दर्ज करके आरोपियों की तलाश शुरु की थी। पुलिस ने जांच शुरू करते हुए आरोपियों के खातों को सील करा दिया था। जिसमें लगभग 40 लाख रुपए थे। यह राशि रिकवर कर ली गई है। इसके अलावा एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले में जांचकर्ता एसआई संजय कुमार प्रबंधक थाना शहर ने आरोपी के भाई पृथ्वी सिंह के साथ आरोपी की पत्नी सरोज को वर्ष 2020 में गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं आरोपी सोमदेव खोला फरार चल रहा था। इसी बीच पुलिस ने आरोपी की डेढ़ एकड़ जमीन को भी अदालत के माध्यम से अटैच कराकर इसकी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी ने इस मामले में अब वर्तमान में सीआईए इंचार्ज धारूहेड़ा इंस्पेक्टर अजय कुमार की अगुवाई में जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। एसआईटी ने आरोपी के भी बारे में सुराग लगाकर बृहस्पतिवार को आरोपी सुनारिया निवासी सोमदेव खोला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करके तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
सेटरिंग की लोहे की प्लेटें चुराने वाले गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार
-आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई 45 लोहे की शटरिंग प्लेट, वारदात में प्रयोग की गई एक पिक-अप, एक कार व एक मोटरसाइकिल बरामद
सीआईए धारूहेड़ा ने जिला में निर्माणाधीन मकानों और ओवरब्रिज से सेटरिंग की प्लेट चुराने वाले यूपी के गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में सीआईए ने गिरोह से जुड़े 4 आरोपियों के साथ उनसे सेटरिंग की प्लेट खरीदने वाले एक कबाड़ी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त एक पिकअप, एक कार और एक मोटरसाइकिल के साथ चोरी की गई सेटरिंग की 45 प्लेटें बरामद की हैं।
आरोपियों को पूछताछ के लिए अदालत से 2 दिन के रिमांड पर लिया गया है। जांचकर्ता ने बताया कि 27 फरवरी की रात शहर के गढ़ी बोलनी रोड पर एलीगेंट सिटी से एल्यूमिनियम की 22 प्लेट चोरी हो गई थी। इसके अलावा चोर सेक्टर-21 से भी एक निर्माणाधीन मकान के प्लॉट से सुठाना निवासी प्रवीण की सेटरिंग की 20 प्लेट के साथ निर्माणाधीन रेवाड़ी-जैसलमेर आउटर बाइपास के गढ़ी बोलनी रोड पर बने रहे ओवरब्रिज साइट से लोहे की 45 प्लेटें चोरी कर ले गए थे। इस मामले में पुलिस ने करनाल के कमालपुरा गांव निवासी संदीप की शिकायत पर चोरी का केस दर्ज किया हुआ है। पुलिस ने इस मामलों की जांच के दौरान गुड़गांव के राजीव चौक के निकट शांति नगर में रहने वाले और मूल रूप से यूपी के जिला बरेली जमबाजार निवासी राजकुमार पुत्र रामभरोसे मौर्य, इसी कॉलोनी में रहने वाले यूपी के ही जिला आजमगढ़ के लखीमपुर निवासी रसीद पुत्र अजमल खान को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने गुड़गांव की इसी कॉलोनी में रहने वाले मूल रूप से जिला बरेली के मामोर निवासी शिवम उर्फ शिवा पुत्र दाताराम और यूपी के जिला रामपुर के गांव निपानिया निवासी देवकीनंद पुत्र छोटेलाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद इन्होंने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह चोरी की गई सैटरिंग की प्लेटे गुडगांव के राजेंद्रा पार्क के पास महालक्ष्मी गार्डन एरिया में रहने वाले नियाजुद्दीन नाम के कबाड़ी को बेचते थे। पुलिस ने कबाड़ी को गिरफ्तार करने के बाद 45 प्लेटें बरामद कर लीं।
राजकुमार करता था निर्माणाधीन मकानों की रेकी- जांच अधिकारी ने बतलाया कि राजकुमार पहले दिन के समय घूमकर निर्माणाधीन मकानों की रेकी करता था। उसके बाद वह किराए पर पिकअप गाड़ी लेते थे। गाड़ी को खुद चलाकर ले जाते थे। इसके बाद सैटरिंग का सामान गाड़ी में लोड करने के बाद फरार हो जाते थे। पुलिस ने आरोपियों से अन्य सामान की बरामदी व दूसरे चोरी के मामलों का पता लगाने के लिए 2 दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी राशिद भी राजकुमार के साथ बाइक पर चलता था और रेकी करने के पश्चात आरोपी वारदात को अंजाम देते थे।