
आगामी 28 मई को जींद में होने वाले ओबीसी के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन कैप्टन अजय सिंह यादव ने एआईसीसी कार्यालय दिल्ली में हरियाणा प्रदेश ओबीसी विभाग के जिला अध्यक्षों और प्रदेश समन्वयकों की बैठक लेकर सभी को जिम्मेदारी सौंपी। यादव ने बताया कि आगामी 28 मई को जींद में होने वाले ओबीसी विभाग के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यातिथि होगें जबकि कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं को भी बुलाया जाएगा। कार्यक्रम के आयोजक ओबीसी विभाग के प्रदेश चेयरमैन रमेश सैनी होगें।

कैप्टन अजय सिंह ने कहा इससे पहले अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का चिंतन शिविर भी उदयपुर राजस्थान में होने जा रहा है। उसमें भी ओबीसी के मुद्दों को पार्टी आलाकमान व अन्य नेताओं के सामने रखे जाएगें। चेयरमैन का पद भार संभालने के बाद उन्होंने जिन राज्यों का अब तक दौरा किया हैं वहां के पार्टी प्रदेशाध्यक्षों व नेता प्रतिपक्ष से मिलकर ये मांग मजबूती से उठाई कि पिछड़ा वर्ग व अति पिछड़ा वर्ग को प्रदेश संगठन में राज्य स्तर से लेकर जिला व ब्लाक स्तर पर समाहित किया जाए व जहां सरकार है वहां इन वर्ग के लोगों को उचित सम्मान दिया जाए जिससे की पिछड़ा व अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को लगे कि उन्हें कांग्रेस पार्टी में उचित मान सम्मान मिल रहा है।

कैप्टन अजय सिंह ने कहा मैं जिन राज्यों में गया हूं उन्होंने सबसे प्रमुख जातीय जनगणना, क्रीमीलेयर और आरक्षण की बातें प्रमुख से रखी है। क्योंकि बाबा साहेब ने और कांग्रेस पार्टी ने पिछडा वर्ग और अनसूचित जातियों के लिए जो आरक्षण लागू किया था उसको मौजूदा भाजपा सरकार खत्म करना चाहती है। क्रीमीलेयर में 8 लाख रुपये की सालाना आय वाले आर्थिक रुप से पिछड़े स्वर्णों को आरक्षण है व कोई क्रीमी लेयर नहीं है लेकिन ओबीसी क्रीमी लेयर का दायरा घटाकर 6 लाख रुपये कर दिया गया व अब खेती से होने वाली आय को भी इसमें जोड़ दिया जा रहा है जिससे की तृतीय या चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी भी क्रीमी लेयर में आ जाएंगे जिससे आबीसी वर्ग को नौकरियों व उच्च शिक्षा में ओबीसी आरक्षण से वंचित होना पड़ेगा। हमारी मांग है खेती से होने वाली आय को कुल आय से बाहर किया जाए व क्रीमी लेयर की आयकर सीमा बढ़ाई जाए। समाज कल्याण मंत्रालय ओबीसी वर्ग के बच्चों को छात्रवृति प्रदान की जाए व इसके लिए अलग से बजट का प्रावधान किया जाए व पिछड़ा आयोग का गठन किया जाए।




