रेवाडी- रेवाडी नगर परिषद में नो-डयूज सर्टिफिकेट जारी करने के नाम पर अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए भष्ट्राचार के केसों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ओबीसी सैल के चेयरमैन एवं पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा हम तो काफी समय से बोल रहे थे कि नगर परिषद रेवाडी भष्ट्राचार का अड्डा बन चुका है लेकिन उपर से नीचे सभी भष्ट्राचारी हैं तो फिर कार्रवाई कौन करता इसलिए स्टेट विजिलेंस में शिकायत होने के बाद भष्ट्राचार के मामले दर्ज हुए हैं। कैप्टन अजय सिंह ने कहा अभी भी छोटी मछलियों को ही फंसाया जाएगा इसलिए हमारी मांग है कि इस बार कोताही न बरती जाए और एसआईटी गठित कर मुख्यमंत्री को स्वयं इसकी जांच करनी चाहिए।
कैप्टन अजय सिंह ने कहा नगर परिषद में कोई कार्य करने का तैयार नही है प्रोपट्र्री आई डी और परिवार पहचान पत्र के लिए जनता पूरा दिन चक्कर काटकर वापिस चली जाती है और मजबूरन लोगों को बाहर अधिक पैसा देकर अपना कार्य करवाना पडता है, जबकि नगर परिषद के अधिकारियों ने बाहर निजी कंपनियों को ठेका देकर कमीशन सेट कर रखा है। यादव ने कहा अहीर एजुकेशन सोसायटी की प्रॉपटी आई बना दी बिगैर डेवलपमेंट चार्ज भरे ही, ऐसा करके सरकार को लाखों रूपये का चुना लगाया गया इसके अलावा भी कई उदाहरण हैं जिसके लिए हमने बार-बार सरकार को आगाह किया लेकिन किसी के कान पर जंू तक नही रेंगी।
यादव ने कहा नगर परिषद द्वारा अभी हाल ही में हाउसिंग बोर्ड से अनाज मंडी तक बनाए गए रोड में से रोडी भी बाहर आने लग गई, यह भष्ट्राचार नही तो क्या है लेकिन प्रशासन आंख मूंद कर बैठा रहता है। ऐसे ही एक बार बाजार में बन रहे रोड को मैंने स्वयं जाकर रूकवाया था। रोड बनाते समय सबसे पहले स्टील का जाल डालना चाहिए और अच्छी गुणवता वाला मेटिरियल डालना चाहिए तभी रोड की लाईफ ज्यादा होगी। कैप्टन अजय सिंह ने मांग करी है रेवाडी नगर परिषद के भष्ट्राचार से शामिल सभी अधिकारियों की जांच घहराई से की जाए और स्वयं मुख्यमंत्री इस मामले की जांच करें।