
(हरियाणा रथ) REWARI- बावल थाना क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2019 में एक छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अर्चना यादव की अदालत ने एक युवक को दोषी करार देते हुए दस की सजा व दस हजार रुपये जुर्माना की सजा दी है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा और काटनी होगी। दोषी ठहराया गया युवक पीड़िता के गांव का ही रहने वाला है।
पुलिस के अनुसार बावल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दसवीं कक्षा की छात्रा ने अपनी शिकायत में कहा था कि 11.11.19 को समय 3.15 PM पर मैं अपने घर से ट्यूशन पर जा रही थी। जब मैं गली में पहुंची तो गांव निवासी युवक ने उसका हाथ पकड़ लिया और खींच कर एक मकान में ले गया। उस समय युवक के और भी साथी वहां मौजूद थे। आरोपियों ने उसे कमरे में बंद कर दिया था और मुंह पर रुमाल बांध दिया था। युवकों ने उसके हाथ भी बांध दिए थे। शाम को छह बजे आरोपियों ने कमरे से बाहर निकाला और पीड़िता ने अपने घर जाकर परिजनों को घटना की जानकारी दी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। बाद में अपने बयान में छात्रा ने एक युवक पर दुष्कर्म करने का भी आरोप लगाया था। पुलिस ने बाद में मामले में दुष्कर्म की धारा भी जोड़ दी थी। जांच के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया था। पुलिस द्वारा अदालत में रखे गए ठोस सबूतों के आधार पर एक युवक को दुष्कर्म का दोषी माना है। अदालत ने दुष्कर्म के दोषी युवक को दस साल की कैद और दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।




