
रेवाड़ी पुलिस कंट्रोल रूम पर आई एक कॉल के चंद मिनट बाद रेवाड़ी स्टेशन परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। कुछ देर बाद ही बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड टीम भी मौके पर पहुंच गई। बम निरोधक दस्ते ने विस्फोटक डिफ्यूज कर दिया। हालांकि इसके बाद पता चला कि यह सब स्टेशन की सुरक्षा परखने के लिए मॉक ड्रिल थी।
जिला पुलिस की तरफ से मुस्तैदी जांचने के लिए गुरुवार दोपहर का शहर के रेलवे स्टेशन पर बम को डिफ्यूज करने की मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित की इस मॉक ड्रिल में एएसपी पूनम, शहर डीएसपी मोहम्मद जमाल, शहर थाना प्रभारी संजय यादव, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार के साथ बम डिस्पोजल टीम का इन्चार्ज एसआई कर्ण सिंह, जीआरपी थाना प्रभारी एसआई भूपेंद्र सिंह के साथ भारी पुलिस बल मौजूद रहा। मॉक ड्रिल के तहत डायल-112 को सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन पर एसबीआई एटीएम के पास कोई लावारिस वस्तु पड़ी हुई है और यह संभवत: बम अथवा कोई अन्य विस्फोटक पदार्थ हो सकता है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस की डायल-112 तुरंत मौके पर पहुंची और इसकी जानकारी जीआरपी के साथ आरपीएफ को दी गई। जानकारी मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी के थाना प्रभारी तुरंत मौके पर पहुंचे और लावारिस वस्तु के चारों तरफ सुरक्षा घेरा बनाकर प्लेटफार्म पर यात्रियों की आवाजाही को रोक दिया गया। इसके बाद पुलिस के अन्य आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मौके पर डॉग स्क्वायड को बुलाया गया। इसके बाद एसआई कर्ण सिंह की अगुवाई में पहुंची बम डिस्पोजल टीम ने लगभग आधा घंटे की मशक्कत बाद बम को निष्क्रिय कर दिया।
एएसपी पूनम ने रेलवे स्टेशन पर आमजन को जागरूक करते हुए कहा की जब भी कोई लावारिस वस्तु दिखाई देती है, तो हड़कंप ना मचाएं। संयम रखते हुए उस लावारिस वस्तु से दूरी बना कर रखें तथा तुरंत पुलिस को सूचना दें।





