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बढ़ती गर्मी: रेवाड़ी प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

गर्मी व लू से बचने के लिए एहतियात बरतें जिलावासी: डीसी

डीसी यशेन्द्र सिंह ने कहा कि गर्मी का मौसम में अब दिनोंदिन तापमान बढऩा शुरू गया है। इससे गर्मियों में होने वाली परेशानियों का खतरा भी बढ़ गया है। गर्मियों में इन परेशानियों के साथ लोगों को डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, चिड़चिड़ापन, हीट स्ट्रोक जैसी समस्या हो सकती है। इससे बचाव को लेकर विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है।
जिला आपदा एवं प्रबंधन प्राधिकरण चेयरमैन एवं डीसी यशेन्द्र सिंह ने जनहित में जागरूक करते हुए बताया कि गर्म हवाएं व लू से शारीरिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में हरियाणा राज्य एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इससे बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर जारी की गई एडवाइजरी में जिलावासी अपने दैनिक कार्यक्रमों की सूची बनाने से पूर्व रेडियो, टीवी या अखबार के माध्यम से अपने स्थानीय मौसम की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें ताकि घर से बाहर निकलते समय गर्म हवाओं व लू के प्रकोप से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि सभी जिलावासी पर्याप्त मात्रा में जितनी बार संभव हो पानी पीएं भले ही उन्हें प्यास न लगी हो। इसके साथ ही जब भी धूप में घर से बाहर निकलें तो हल्के रंगो के ढीले फीटिंग के तथा सूती कपड़े पहने व इसके साथ सूरक्षात्मक चश्में, छाता, पगडी, दुपट्टा, टोपी, जूते या चप्पलों का उपयोग करें। यात्रा के समय अपने साथ पानी अवश्य रखें।
प्राधिकरण के चेयरमैन ने बताया कि यदि आपका कार्यक्षेत्र इस प्रकार का है कि आपको धूप में कार्य करना है तो आप धूप से बचाव के लिए टोपी या छाते का उपयोग करें तथा अपने सिर, गर्दन व चेहरे पर नम कपड़ा जरूर रखें। इसके साथ साथ शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनी रहे इसके लिए घर के बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, पानी, छाछ आदि का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि गर्मी के स्ट्रोक, गर्मी के दाने या गर्मी से ऐंठन जैसे कि कमजोरी, चक्कर आना, सिर दर्द , मितली और दौरे के लक्षणों को पहचाने, यदि आप थकान व कमजोरी व बीमार जैसा महसूस कर रहें है तो तत्काल चिकित्सक से परामर्श करें।
पशुधन का बचाव भी जरूरी :डीसी
डीसी यशेंद सिंह ने कहा कि सभी जिलावासी अपने पालतू जानवरों को छाया में रखें और उन्हें निरंतर पीने का पर्याप्त पानी देते रहें। घर का तापमान रहने के योग्य बना रहे इसके लिए रात में घरों की खिड़कियां खुली रखें। उन्होंने कहा कि पशुधन का भी ध्यान रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पालतू जानवरों को घर से बाहर न छोड़े व कोशिश करें कि दिन में 12 बजे से 3 बजे के बीच आमजन व पशुधन बाहर धूप में जाने से बचें।
डीसी ने इस दौरान जिला के सभी औद्योगिक संस्थानों से अपील करते हुए कहा कि सभी संस्थान अपने कार्यक्षेत्र पर ठंडा पेयजल उपलब्ध करवाएं। इसके साथ ही प्रयास करें कि श्रमिकों को प्रत्यक्ष सूर्य के समक्ष होने वाले कार्यों से बचाया जाए। मौसम में हो रहे बदलावों को ध्यान में रखते हुए श्रमयुक्त कार्यों को दिन के ठंडे समय के दौरान करें व बाहरी गतिविधियों के दौरान आराम के समय में भी बढ़ोतरी करने के प्रयास करें।

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