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युवाओं को नशा की प्रवृति से बचाना जरूरी

विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की दिलाई गई शपथ, नशा के खिलाफ किया जागरूक

राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो प्रमुख एवं अंबाला मंडल एडीजीपी श्रीकांत जाधव के निर्देश पर बृहस्पतिवार को स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की जिला यूनिट के तत्वावधान में शहर के दिल्ली पब्लिक स्कूल रेवाड़ी में नशा के विरूध जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूक करते हुए कहा कि इससे होने वाले शारीरिक मानसिक नुकसान के प्रति आगाह किया। विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उनको इससे दूर रहने की शपथ दिलाई।

रेवाड़ी यूनिट प्रभारी एसआई अनिल कुमार ने कहा कि आज के समय में युवाओं में नशे की लत बढ़ती जा रही है। यह न केवल परिवार अपितु हमारे सामाजिक परिवेश के लिए भी बड़ा खतरा है। इस वजह से न केवल नशा करने वाली की संगत में रहने वाले युवा प्रभावित होते हैं अपितु कई बार इसके गंभीर परिणाम भी सामने आता है। हम अपने अड़ोस-पड़ोस में ऐसे परिवार देखते हैं कि जिनके सदस्य नशा करते हैं और इसकी वजह से झगड़ा होता है। इसका सीधा असर परिवार के साथ बच्चों की परवरिश पर पड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि हम सभी को यह संकल्प लेना होगा कि कभी नशा नहीं करेंगे और अगर कोई करता है तो उसे समझाने का प्रयास भी करेंगे। तत्पश्चात विद्यार्थियों को नशा नहीं करने की भी शपथ दिलाई गई।

इस अवसर पर सुनील भार्गव सदस्य इस अवसर पर अधिवक्ता सुनील भार्गव प्रयास संस्था एवं हरियाणा रेड क्रौस सोसायटी व CSR सदस्य ने कहा कि युवाओं को नशा की प्रवृति से बचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि न केवल परिवार अपितु को भी इसके लिए सामूहिक तौर पर प्रयास करने होंगे क्योंकि इसका असर समाज पर बहुत अधिक पड़ रहा है। हम अपने बच्चों पर खुद निगाह रखने के साथ ऐसे लोगों पर भी निगाह रखें जो कि युवाओं को इसके लिए प्रेरित करते हैं। प्रयास संस्था के अध्यक्ष  ने कहा की नशे से हालत सूखे पेड़ की तरह हो जाती है जिसका कभी विकाश नहीं होता। उन्होंने अपने प्रेरक सम्बोधन से विद्यार्थियो को नशे की लत छोड़ने का आग्रह किया। कार्यक्रम में आरएन महलावत ने कहा कि नशे के कारण जिंदगियां और घर बर्बाद होते हैं। समाज में नशा का बढ़ना सभ्यता के लिए नुकसानदायक है। शुरुआत में ही परिवार के सदस्यों और बच्चों को स्ट्रैस मैनेजमेंट के बारे में बताया जाता है, ताकि वह गलत-सही का पता लगा सकें। डॉ. अनिल योगाचार्य ने विद्यार्थियो को योग के द्वारा नशे से छुटकारा पाने के तरीकों से अवगत कराया।जागरूकता कार्यशाला में विद्यार्थियों के साथ काफी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। बच्चो को नशा न करेंगे व न करने देंगे की शपथ दिलाकर कार्यक्रम का समापन किया गया।

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