रेवाड़ी, 20 जुलाई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंग्लैंड के बर्मिंघम में 28 जुलाई से शुरू होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन से पहले बुधवार को देशभर के प्रतिभागी खिलाडिय़ां से सीधा संवाद किया और वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से बातचीत करते हुए उनका उत्साह व हौसला बढ़ाया। प्रतिभावान खिलाडिय़ों में शामिल रेवाड़ी निवासी शर्मिला से संवाद करते हुए उन्होंने उन्हें शुभकामनाएं दी और जीत का मंत्र देते हुए विजेता बनकर भारत लौटने का आशीर्वाद दिया। उन्होंने खिलाडिय़ों का हौसला बढ़ाते हुआ कहा कि दुनिया पर छा जाने का सुनहरा अवसर भारतीय खिलाडिय़ों के पास है। उन्होंने कहा कि भारत का कोना-कोना खेल प्रतिभाओं से भरा हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संवाद के दौरान मूल रूप से महेंद्रगढ़ निवासी और वर्तमान में रेवाड़ी के राव तुलाराम स्टेडियम में अभ्यास कर रही शॉटपुट खेल की खिलाड़ी शर्मिला का उत्साहवर्धन किया। कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए पदक जीतने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने गौरवाविंत होते हुए कहा कि खेल स्पर्धाओं में हरियाणा का विशेष मुकाम है और यहां के प्रतिभावान खिलाडिय़ों द्वारा अपने गांव, जिला, प्रदेश के साथ ही देश का नाम रोशन दुनिया में किया जा रहा है।

पीएम ने खिलाड़ी शर्मिला से बातचीत करते हुए कहा कि आपने 34 वर्ष की आयु में खेल में अपना कैरियर शुरू किया और मात्र दो वर्ष में गोल्ड मैडल भी जीतकर दिखा दिया। उन्होंने शर्मिला से पूछा की मैं जरूर जानना चाहूंगा कि ये चमत्कार कैसे हुआ आपकी प्रेरणा क्या है। उन्होंने कहा कि आप देश के लिए रोल मॉडल हैं। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार के उज्ज्वल भविष्य की भी कामना की। शर्मिला ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संवाद करके बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा उनके लिए पदक जीतने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि वे तुलाराम स्टेडियम, रेवाड़ी में खेल विभाग में कार्यरत टेक चंद पैरा एथलेटिक्स प्रशिक्षण से प्रशिक्षण ले रही हैं।
बेटियों के लिए मार्गदर्शक बन रही है शर्मिला : डीसी
हाल ही में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में शॉटपुट खेल में प्रतिभागी खिलाड़ी रेवाड़ी की शर्मिला को डीसी अशोक कुमार गर्ग ने शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि शर्मिला जैसी बेटियां युवा शक्ति विशेषकर बेटियों के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो उम्र भी उस जज्बे के आगे नतमस्तक होती है और 34 साल की उम्र में खेल गतिविधियों में भागीदारी ने उर्मिला के हौसले को नई उड़ान देने का काम किया है। शर्मिला की इस उपलब्धि पर जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी मदनपाल व जिला रेवाड़ी में कार्यरत सभी खेल प्रशिक्षकों एवं कार्यालय स्टाफ ने भी अपनी शुभकामनाएं दी हैं।




