रेवाडी, होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल में अनाँन संस्था की ओर से विभिन्न आयु वर्ग के छात्रों के लिए विभिन्न विषयों पर चरणबद्ध तरीके से कार्यशाला का आयोजन किया गया। अनाँन संस्था की निर्देशिका आरती गिरधर और उनकी सहयोगी दीपा चौधरी, शम्मी परुथी एवं प्राची विश्वास ने प्राइमरी वर्ग के छात्रों की शारीरिक सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील अगों की जानकारी देते हुए उन्हें गुड टच् और बैड टच् के विषय में बताया। जूनियर वर्ग के छात्रों से बातचीत के दौरान उन्होंने बच्चों की मानसिक, शारीरिक और व्यवहारिक गतिविधियों से अनुमान लगाया कि वे यथार्थ से दूर काल्पनिक दुनिया में रहने लगे है।
तकनीकी विकास के युग में बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखना असंभव है परंतु उनके हित के लिए जरुरी है कि पढाई केवल कक्षा के कमरे तक सीमित न रहकर सामान्य जीवन और वातावरण के नजदीक हो। कक्षा में छात्रों को मानसिक और शारीरिक रुप से रचनात्मक एवं क्रियात्मक गतिविधियों में शामिल किया जाए जिससे वे कल्पना लोक से बाहर निकले और आत्मविश्वास के साथ व्यक्तित्व का विकास कर खुद को समाज में समायोजित कर सके। मानसिक रुप से अपने को स्वस्थ अनुभव कर जीवन में सकारात्मक और अपेक्षित परिवर्तन ला सके।
सोशल मीडिया के शिकंजे में जकडे सीनियर वर्ग के छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए उन्होने कहा कि यह छात्रों पर निर्भर है कि वे इसका प्रयोग किस सीमा तक करे। इंटरनेट दुनिया से (विश्व) से जुडने की एक शुरुआत भर है। इसकी कोई सीमा नहीं है। यह बात अवश्य ध्यान रखें कि तकनीक साधन है साध्य नही।
इस कार्यशाला में स्कूल निदेशक अनिरुद्ध सचदेवा, प्रधानाचार्या, उपप्रधानाचार्या, प्राईमरी इंचार्ज एवं सभी शिक्षकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में अनिरुद्ध सचदेवा ने संस्था के सभी सदस्यों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यशाला सभी आयु वर्ग के छात्रों के व्यवहार को सार्थक और सकारात्मक दिशा प्रदान करने में सहायक होगी।