
रेवाड़ी गैंगरेप मामले में अदालत का फैसला, नारनौल की क्राइम अगेंस्ट वूमेन स्पेशल कोर्ट ने तीनों दोषियों को सुनाई 20-20 साल की सजा सुनाई और 20-20 हजार का जुर्माना लगाया है। साथ ही डीएलएसए को ₹500000 पीड़ित पक्ष को देने का आदेश दिया है। न्यायाधीश मोना सिंह की कोर्ट ने एक दिन पहले ही वारदात के मुख्य आरोपी नीशू फौगाट, मनीष और पंकज फौजी को दोषी ठहराया था। दोषी ठहराए गए तीनों युवक पीड़िता के गांव के ही हैं।
दरअसल, 12 सितंबर 2018 को रेवाड़ी के कोसली क्षेत्र की रहने वाली छात्रा के साथ गैंगरेप की वारदात हुई थी। छात्रा उस दिन अपने घर से महेन्द्रगढ़ जिले के कनीना में कोचिंग के लिए गई थी। रास्ते से ही नीशू फोगाट, पंकज फौजी और मनीष ने उसे कार में अगवा कर लिया था। तीनों ने उसे पानी में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया। बेहोशी की हालत में वे उसे एक सुनसान जगह कोठड़े में ले गए थे, जहां तीनों युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया था। उसके बाद लड़की को कोठड़े पर ही छोड़कर फरार हो गए थे। इतना ही नहीं लड़की के कोठड़े में पड़े होने की सूचना भी दोषियों ने ही उसके परिजनों को दी थी।




