रेवाड़ी, भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2009 बैच के अधिकारी अशोक कुमार गर्ग ने मंगलवार को रेवाड़ी जिला के डीसी का पदभार संभाल लिया है। इससे पहले गर्ग नगर निगम हिसार में आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने हरियाणा प्रदेश के कई जिलों में रहते हुए सरकार व प्रशासन को अपनी महत्वपूर्ण व उल्लेखनीय सेवाएं दी हैं। जिले का पदभार संभालते ही डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि जिला रेवाड़ी में लंबित विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए उन्हें पूरा करवाना उनका मुख्य उद्देश्य रहेगा।
डीसी गर्ग ने कहा कि प्रशासनिक सेवा के माध्यम से लोगों की सेवा करने का मौका भाग्यशाली व्यक्ति को ही मिलता है। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी ड्यूटी का निवर्हन पूरी निष्ठा, लग्न व ईमानदारी से करें।

निवर्तमान डीसी यशेंद्र सिंह ने कहा कि जिला रेवाड़ी में करीब तीन साल के कार्यकाल में प्रशासनिक स्तर पर जो सहयोग सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में दिया गया वह अतुलनीय रहा है। साथ ही जिला वासियों के सौहार्दपूर्ण व मिलनसार व्यवहार को भी वे कभी भुला नहीं सकते। निवर्तमान डीसी यशेंद्र सिंह ने कहा कि रेवाड़ी जिला में बतौर डीसी उन्होंने प्रशासनिक व सामाजिक स्तर पर सकारात्मक ढंग से दायित्व निभाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। रेवाड़ी जिला के विकास को समर्पित योजनाओं को पूरा करवाने के साथ ही जनभावनाओं के अनुरूप सरकारी स्तर पर कार्य करवाने में भी प्रशासन की टीम के साथ कदम उठाए गए और लोगों को लाभान्वित किया गया। उन्होंने कहा कि इन तीन साल के कार्यकाल में उन्होंने प्रयास किए कि किसी को कोई असुविधा न हो और सरकार द्वारा लागू योजनाओं का लाभ प्रशासन के माध्यम से हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।
डीसी का चार्ज संभालने उपरांत अशोक कुमार गर्ग ने किया जिला सचिवालय में कार्यालयों का दौरा :
रेवाड़ी जिला के नवनियुक्त डीसी अशोक कुमार गर्ग ने चार्ज संभालने उपरांत जिला सचिवालय में स्थित कार्यालयों का बारी-बारी से निरीक्षण किया और विभागाध्यक्षों को आवश्यक निर्देश देते हुए कार्यालयों कीे अच्छी तरह से साफ-सफाई करवाने के साथ-साथ सचिवालय में बने हुए शौचालयों की भी प्रतिदिन अच्छी प्रकार से साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपने अधीनस्थ कार्यालयों व शौचालयों की अच्छी तरह से साफ-सफाई कराना विभागाध्यक्षों का परम कर्तव्य है, जिस कार्यालय क्षेत्र में गंदगी मिली या शौचालय साफ नहीं पाए गए तो उसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होगा। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि अधिकारी निजी शौचालयों की बजाए पब्लिक शौचालयों का प्रयोग करें और उनकी भी नियमित तौर पर साफ-सफाई करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए।





